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| teri meri kahani |
अनायास यूँ ही आज कलम उठा ली, न जाने क्यों बस ठान ली
कुछ हम भी कह जाए , आखिर कब तक यूँ चुपचाप जियेंगे
कुछ शोर हम भी मचा जाए
फिर सोचने लगी कि लिखूं तो क्या लिखूं
फिर याद अपनी कहानी आई
बस फिर क्या अनायास यूँ ही हमारा सफ़र शुरू हो गया
जो सोची हमारी कहानी बारिश अनायास यूँ ही याद आई
चोली दामन का जो साथ है हमारी कहानी से
हर पहली बात पे बारिश आई और अपना आशीर्वाद बरसा के चली गयी
बारिश हो रही थी तो कुछ देर से आप आयें
हमें डर था, कुछ झिझक थी, तो कुछ शरम थी
मुझे न पता था, जिस कमरे में रोज का आना जाना था
उसमें उस दिन जाना कितना कठिन था
बहुत दबे डरे सहमे से कदमों से हम आप के सामने आये
हिम्मत न थी कुछ देखने की, न कुछ बोलने की,
पलको पे शर्म का बोझ लद चुका था, होठ संकोच से सिल चुके थे
जुबान किसी ने खींच ली थी, बोलना तो भूल चुके थे
बस यूँ मन कह रहा था कि कुछ हो जाए बस इसी पल हम यहाँ से चले जाए
तो एक बार आपको देखने की, मन की गहराइयों में लहरें भी उठ रही थीं
बस यूँ लगा कि हम ठण्ड से जम गए है, सारा खून जम गया, पैर वहीं जम गए
बातचीत आपकी हमारी माँ की शुरू हुई,
माँ भी हमारी बहुत संकोच में थी
माँ भी हमारी बहुत संकोच में थी
हम चाह रहे थे कि हमसे न कोई बात हो,
और दूसरी तरफ सोच रहे थे देखे तो देखे कैसे आपको
और दूसरी तरफ सोच रहे थे देखे तो देखे कैसे आपको
आखिर वो रोमांचित पल आया आपने हमसे कुछ पूछा और हम सहम गए,
हमेशा झाँसी कि रानी बनी रहने वाली आज भीगी बिल्ली बन गयी
बस लगा आईएएस का इन्टरव्यू शुरू हो गया,
फिर क्या परमाणु बम गिराया जा चुका था अब तो सामना करना ही था
बचाव में हमने अपने होठों की चुप्पी तोडी, और शरमाते शरमाते आपको पहली बार देखा
डरते डरते जवाब दिया,
देख के आपको मन मस्तिष्क शून्य था, उम्मींद जगाना भी ठीक न था ,
क्यूंकि अभी कुछ पता न था कि,
इस मुलाकात का कोई भविष्य भी होगा
फिर न कोई बात हुई आपसे, लेकिन एक बार और हमने आपको चोरी से देखा
मुलाकात ख़तम हुई, और हमारी जान में जान आई
आप अपने रस्ते चले गए और हम अपने कमरे में
जब हमसे कुछ पूछा गया तो हमने बस यही बोला
बहुत मुश्किल है, ये रिश्ता होना
बहुत मुश्किल है, ये रिश्ता होना
आखिर अपने से मोटी को कौन पसंद करता है
सोचा न ज्यादा आपके बारे में क्योंकि कहीं न कहीं लगा आप इनकार करेंगे
फिर एक दिन पता चला हाँ हो गयी
हम अचरज में पड़ गए, अब जवाब देनी की बारी हमारी थी
और इनकार करने की वजह कोई न थी
बस यहीं शूरू हो गई, तेरी मेरी कहानी...
बहुत अनजानी, बहुत जानी पहचानी
बहुत कुछ समेटे, ये अपनी कहानी
अनगिनत प्रश्न, अनगिनत उलझन, न जाने और क्या क्या समेटे ये अपनी कहानी
सोच के सिहर जाते, जो बात होगी पहली दफा तो क्या क़यामत आयेगी,
और जो मिलेंगे पहली बार तो क्या जिंदा आ पाएंगे
न जाने कितने सवालों के जवाब तलाशती
अकेले तब बस ये मेरी कहानी थी
सोचा कभी तो आयेगा वो पल जब होगा आमना सामना
न जाने क्या आलम होगा
जाने साँसे चलेंगी या रुक जाएँगी किसको पता था
होगा आगाज़ कहाँ से मुलाकात में, ये तो सबसे विकट प्रश्न था
ऐसे ही न जाने कितने उलझन, असमंजस के
घनघोर काले बादलों का डेरा था मेरे मन रूपी आकाश में
बस, समझ में न आती थी कैसी होगी ये तेरी मेरी कहानी.....
बहुत अनजानी, बहुत जानी पहचानी
बहुत कुछ समेटे, ये अपनी कहानी
अनगिनत प्रश्न, अनगिनत उलझन, न जाने और क्या क्या समेटे ये अपनी कहानी
सोच के सिहर जाते, जो बात होगी पहली दफा तो क्या क़यामत आयेगी,
और जो मिलेंगे पहली बार तो क्या जिंदा आ पाएंगे
न जाने कितने सवालों के जवाब तलाशती
अकेले तब बस ये मेरी कहानी थी
सोचा कभी तो आयेगा वो पल जब होगा आमना सामना
न जाने क्या आलम होगा
जाने साँसे चलेंगी या रुक जाएँगी किसको पता था
होगा आगाज़ कहाँ से मुलाकात में, ये तो सबसे विकट प्रश्न था
ऐसे ही न जाने कितने उलझन, असमंजस के
घनघोर काले बादलों का डेरा था मेरे मन रूपी आकाश में
बस, समझ में न आती थी कैसी होगी ये तेरी मेरी कहानी.....

😍😍😍😍😍😍
ReplyDeleteThank u.....
DeleteTeri meri...meri teri kahani
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